श्रद्धेय कुलिश जी: लेखन के क्षेत्र में जिन्हें मैं आदर्श मानता हूं


साथियो,

आज आपके लिए लाया हूं श्रद्धेय श्री कर्पूरचंद्र कुलिशजी पर मारवाड़ी में लिखी मेरी एक कविता। कुलिशजी का नाम ही उनका परिचय है। जब मैंने स्कूल जाना शुरू किया था तब हिंदी पढऩा राजस्थान पत्रिका से सीखा था। उस समय कुलिशजी के विभिन्न लेख और पोलमपोल नाम से एक कविता रोज छपती थी (जो आज भी प्रकाशित होती है)। सुबह हॉकर अखबार डालकर जाता, तब मैं सबसे पहले पोलमपोल ही पढ़ता था। इसी से मुझे भविष्य में लिखने की प्रेरणा मिली।

वास्तव में कुलिशजी का संपूर्ण जीवन एक ऐसे नायक की कहानी है जिसे खुद की काबिलियत पर जितना भरोसा था, वैसा ही भरोसा उन्होंने उन लोगों में भी पैदा किया जो इस यात्रा में उनके साथी रहे। एक नायक और साधारण मनुष्य में यही फर्क होता है। नायक साधारण मनुष्य को भी धुन का धनी बना सकता है। पढि़ए, कुलिशजी को समर्पित यह कविता-

हर पानै मं मरूधर री पीड़ा,
हर आखर मं सिंह हुंकार।
ले सांच री लाकड़ी,
यो हर गोखा रो चौकीदार।

करके चेत चितार्यो गैलो,
जद सगळा चाल्या ईकै लार।
बखत पड़्यो जद बणगो पीथळ,
कदे करी ना यो उंवार।

हक री कलम सूं जग मं,
कर दियो ऊंचो नाम।
हर कूणै मं म्हारो साथी,
जैपर हो चाये जापान।

सात मार्च सन छप्पन मं,
यो बण्यो मरूधर रो मीत।
धन-धन थान्नैं कुलिश जी,
म्हारो मनड़ो लीन्या जीत।

उजळी स्याही सांच की,
और सांचो हो मन।
धरी नींव जद पत्रिका की
कलम बडो हो धन।

न कुंजी न कोथळी,
न साधन कोई पिछाण।
तप सूं चिमक्यो दीवलो,
ज्यूं दिन मं सूरज नाराण।

सन छब्बीस की मार्च मं
जद आई तारिख बीस।
धन धरती कै भाग नै,
तूं जायो लाल कुलिश।

तूं जायो लाल कुलिश,
पान बाई हरखी मन मं।
देखीं वृद्धिचंदी जी, 
अनमोल रतन नै।

सीधी मांडी बात सदा,
न मन मं कोई पळेटो।
रख्यो कलम को मान
गांव सोडा को बेटो।

संज्या छायो च्यानणो,
लिछमी बैठी आसण।
सूत्यो माणस इब जग्यो,
डोल्यो अंधेर सिंघासण।

मरूधरा मं आखर कुंड को,
सुपनो होयो इब सांचो।
देख जमानो परखण लाग्यो,
के मांड्यो है यो बांचो।

न कदे दब्यो न कदे झुक्यो,
दिन-रात भरोसो हुयो ऊंचो।
गांव-गुवाड़ां नाम बध्यो,
के ढाणी अर के कूंचो।

छप्या पेज पर पेज,
नींव होई मजबूत घणी।
बोटां पाछै मांगी माफी,
बडै दिल का थे धणी।

नित नयै दिन अर रात मं,
अम्बर चढ्यो बिमाण।
सूंप दियो फळ जाप को,
जद तप को मिल्यो परमाण।

- राजीव शर्मा -
गांव का गुरुकुल से

Like My Facebook Page



Comments

  1. want to clear the competitive exam smartly then open the site http://www.kidsfront.com/

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

मारवाड़ी में पढ़िए पैगम्बर मुहम्मद साहब की जीवनी

आखिरी हज में पैगम्बर मुहम्मद साहब (सल्ल.) ने पूरी दुनिया के नाम दिया था यह पैगाम

क्या कुरआन में आतंकवाद फैलाने की शिक्षा दी गई है? मुझसे जानिए इस किताब की हकीकत